POEM OF TEACHER'S

            शिक्षक
ज्ञान का सागर हमारे गुरु
 सुविचारों की गंगा इन्हीं से होती शुरु ।
 इन्होंने हमें दिया सहारा । 
और हर दु : ख से ऊबारा । 
अपना जीवन किया हमें समर्पित 
सोचा सदा हम बच्चों का हित । 
कभी वृक्षों सा हम पर प्यार लुटाया 
कभी माता पिता के प्यार को लूट भरी डाँट से समझाया । सागर सा बड़ा इन का दिल 
चाहे किसे भी हो मुश्किल ।
 सदैव हमारा हौसला बढ़ाया ।
 और हिम्मत से जीना सिखाया । ।

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